खेल के नियम
पत्ते बाँटना
हर खिलाड़ी को 4 पत्ते मिलते हैं और 4 पत्ते टेबल पर खोलकर रखे जाते हैं। हाथ के पत्ते खत्म होने पर सबको अगले 4-4 पत्ते बाँटे जाते हैं। टेबल पर गड्डी से नए पत्ते नहीं रखे जाते। ऐसा तब तक चलता है, जब तक गड्डी के सभी 52 पत्ते खेल न लिए जाएँ। आखिर में टेबल पर बचे पत्ते आखिरी उठाव लेने वाले खिलाड़ी को मिलते हैं। गड्डी में जोकर नहीं होते।
आपकी बारी
अपनी बारी पर सिर्फ़ एक पत्ता टेबल पर डालें। अगर टेबल के कुछ पत्तों के साथ इसका जोड़ 11 बनता है, तो उन्हें अपने पत्ते के साथ उठा लें। सूट से फ़र्क नहीं पड़ता और इक्का 1 गिना जाता है। उदाहरण: टेबल पर तिक्की और चौका पड़े हैं। अपना चौका डालें और तीनों पत्ते उठा लें (3 + 4 + 4 = 11)। अगर उठाव के कई विकल्प हों, तो अपनी पसंद का कोई एक चुनें। अगर 11 नहीं बनता, तो पत्ता टेबल पर पड़ा रहता है और बारी अगले खिलाड़ी की आ जाती है।
उठाव लेना ज़रूरी
आपको हाथ का कोई भी पत्ता टेबल पर डालने की छूट है। लेकिन अगर डाले गए पत्ते से टेबल पर उठाव बनता है, तो आपको वह उठाव लेना ही होगा।
तस्वीर वाले पत्ते
तस्वीर वाले पत्ते जोड़ में नहीं गिने जाते: बेगम टेबल से एक बेगम उठाती है और बादशाह एक बादशाह। गुलाम एक ही बार में टेबल से सब कुछ उठा लेता है, सिर्फ़ बेगम और बादशाह रह जाते हैं। अगर उठाने को कुछ न हो, तो गुलाम टेबल पर पड़ा रहता है।
अंक
हर राउंड में कुल पाँच अंक मिल सकते हैं:
- सबसे ज़्यादा पत्ते जमा करने पर 2 अंक
- सबसे ज़्यादा चिड़ी के पत्ते जमा करने पर 1 अंक
- 10♦ (ईंट का दहला) उठाने पर 1 अंक
- 2♣ (चिड़ी की दुक्की) उठाने पर 1 अंक
मैच वही जीतता है, जो सबसे पहले 11 अंक बनाए (आमने-सामने खेलते समय परंपरा के मुताबिक 21 अंकों तक गिनते हैं)। अगर “सबसे ज़्यादा पत्ते” या “सबसे ज़्यादा चिड़ी” में बराबरी हो, तो ये अंक किसी को नहीं मिलते।